Thursday, September 6, 2007

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आंखो के नीचे काले धबबे - Dark Black Circles Problem



आंखो के नीचे काले धब्बे क्यो पड़ते है - काले घेरो की समस्या - Problem of Dark circles।



इस मशीनी युग मे आंखो के नीचे काले धब्बे पंडा ऐक आम बात हो गई हैइसके नीवारण के लीये कई प्रकार की योगीक क्रीयायें ओर आसन भी हैजीनको अपनाने से आप इन समस्यायों से मुक्ती पा सकते है


आसन - Asan

आसन तथा प्राणायाम चहरे तथा आंखों की मान्स्पेसीओ को तनाव मुक्त करने मै बहुत बड़ी भुमीका अदा करते है। ये आंखो, दीमाग ओर चहरे की ओर रक्त संचार को प्रवाहीत करने मे सहायता करते है। बहुत से आसान है जेसे स्रंगासन, ह्लासन, शीर्षासन, प्र्व्तास्न, हस्त्पादोतानास्न, सूर्या नमस्कार ओर सम्भावी मुद्रा। आप यहा पर हस्त्पादोत्तासन आसन के बारे मे जानकारी प्राप्त करेंगे।

वीधी- Technique

दोनो परो के बीच मे लगभग ऐक फ़ीट का अंतर करके सीधे खडे हो जाये। दोनो हाथो को सीर के ऊपर सीधा उठाइये। अब हाथ ओर अपनी क़मर के ऊपर के भाग को नीचे की तरफ लाए । अपने हाथो को पेरों के अगल बगल से जमीन पर लगाए ओर माथा घुटने को स्पर्श करवाए। अब फीर पुनः उसी अवस्था मे आये ।


सीमाये :

हाई ब्लड प्रेशर Hi Blood Presure यानी ऊच रक्त चाप, हर्दय के रोगी ओर सील्प डेस्क तथा स्पोंदीलाएतीश। ऐसे लोग के लीये अलग आसन्न है वो उन्हें कर सकते है जेसे सुप्त ब्रजास्न या त्रिकोदास्न आदी।

आरम्भ मे अपने शरीर पर जादा जोर ना डाले ओर धीरे धीरे ही आगे बडे, क्यूकी ऐक दीन मे आप इसको करने के आदी नही बन पाएंगे।

प्राणायाम - Pranayaam

आंखो के नीचे काले घेरो के कई कारण है जेसे असमय सोना, नींद ना आना, तनाव पूर्ण नीद्रा मे सोना, असमय खाना, धूम्र पान, असन्तूलीत आहार आदी । प्राणायाम से आप इन समस्याओं को नीदान कर सकते है, इसके लीये कुछ प्राणायाम है – क्पाल्भाती, नादी शोधन प्राणायाम , सुर्य भेदी आदी।

आहार : Meal

साका संतूलीत हारी लेने की आदत डाले, फल ओर हरी सब्जीयां जरूर खाए। पानी जीतना पी सकते हो पीये, गूट्खा, शराब, तम्बाकू, सीग्र्त आदी का सेवन ना करे ।




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गो मुखास्न



जमीन पर बैठ जाये . बाए पाव को आगे से मोड़कर


पीछे की तारफ इस प्रकार लाये की एडी का हीस्सा गुदा पर लग जाये या दाये नीतंभ की बगल मी स्टा रहे. फीर दाये पेर को आगे से मोड़कर उसकी एडी बाये नितंभ की बगल मे सटा दे. परो के पंजे सीधे होकर जमीन से लगे राहे और घुटने एक दुसरे से स्टे सहे. अब दाये हाथ को गले की बगल से कंधे के पीछे की और ले जाकर दुसरे हाथ की उन्ग्लीयों से मीलाये. दोनों हाथो को आपस मी फंसा ले. अपनी कमर को सीधी सखे. आँखों को खुली और शांस को साधारण चलाये. पुनः इस करीए हाथ और परो को बदलकर करे.


लाभ:


इस आसन की सबसे बड़ी वीषेस्ता यह है की, फेफ्डो से संबंधीत बीमारियों के लीये यह बहुत उपयोगी माना गया है. दमा और छय रोगीयों को यह आसन अवस्या करना चाहीये. चूंकी एक तरफ से स्वांस लेने पर दुसरी तरफ का फेफ्दा अत्याधीक काम करने लगता है. इससे रक्त संचार मे व्रीधी होती है और फेफ्डो की सफाई भी हो जाती है.



अन्य लाभ:



पैरो को बल मीलता है , भुजा, कंधे, घुटने और कमर आदी को बल मीलता है.

सरीर के जोड़ लचीले बनते है और हद्दीयाँ मजबूत होती है.

दुर्बलता दूर होती है, ध्यान करने के लिये भी यह आसन बहुत उपयोगी है.

पीठ का दर्द भी इससे ठीक होता है, मधुमय, गुर्दे के रोगों मी भी यह अत्यंत प्रभावशाली है. अतः ये स्वास्थय के लीये एक संजीवनी से कम नही है.




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रूप केसे नीखारे

खूबसूरत और घनी पलको के लीये उन पर थोडा सा केस्ट्र आईल लगाकर सोये , इससे आपकी पलके मजबूत और आँखे ठंडी रहेंगी.

सीर की खुजली के लीये अनानास और पपीते को अछ्छी तरह से मीक्सी मे मीला ले और एक चोथायी ¼ कप उसमे सीरका ड़ाल ले और बालो मे लगाए और २ मीनत बाद धो ले.

Monday, September 3, 2007

The Snake Pose or Sarp Asana - Fitness Tips

The Snake Pose or Sarp Asana


This position helps in releasing the entire stiff from the solders, stimulates and works as a fuel for the abdominals organs and massages the shoulder.



Fist lie facing down your head towards the floor, forehead touches the floor and feet few inches apart।


Stretch your arms in the backward directions and bring your both heads finger near and interlock them means hold the fingers in a locking position over the hips। Keep your wrist as far apart as possible and palms facing the back of your head.


Now Breath in and lift your chest towards upwards direction, lift it up as you can from the floor।


Draw the shoulders back pulling the shoulder blades together and up your arms towards the sky as far as possible।


By looking downward, keep back of the neck long। Hold this position for 10 breaths, always take deep breath.


Then Exhale or give out and lower down the body and relax.



हींदी


जमीन की तरफ मुँह करके लेट जाये। अपने सर को फर्श पर टच कराए ओर हाथो को शरीर से सटा कर रखे। अब अपने हाथो को पीछे की तरफ ले जाये ओर दोनो हाथो की उंगलीयों को आपस मे मीला ले। अपनी दोनो हाथो की उंगलीयों को ऐक दुसरे मे मीला ले।



अपनी हथेली को ऊपर की तरफ ओर अंगूठे को कूलोह की तरफ रखे, अब सांस ले ओर अपनी छाती को ऊपर की ओर ऊठाये।



आप जीतना ऊपर उठा सकते है, छाती को फर्श से उतना ऊपर की ओर उठाये, कंधों को पीछे की तरफ रखे ओर उन्हें पीछे खीचे ओर अपनी भुजाओं को ऊपर उठाये।


अपनी गर्दन को लम्बी रखे ओर नीचे की तरफ देखे। इस अवस्था को १० सांस तक ऐसे ही रहने दे।


अब सांस छोडे ओर हाथो को नीचे लाए। अपने शरीर को आराम दे.

Sunday, August 5, 2007

Hissing Pranayam - Cools, Relax Mind and Body

Hissing Pranayam


Hissing pranayam is very beneficial to body. Hissing pranayama makes the entire body cool. It has an excellent effect on body and it keeps your body relaxes. This hissing pranayama is suitable in summers seasons as it keeps your body cool, so practicing it in summer seasons has positive effect on the body. It helps to get the emotional and metal stability. It frees your body and mind from stress and emotion.


How to practice hissing pranayam


Find a suitable and right place to practice this pranayam.


Sit in cross legged position and put your hands on the thighs palms facing up. Your thumb should touch the index finger.


Keep your chin parallel to the floor with back straight shoulders relaxed.


Close your eyes and breathe normally for one minute. Give relax to your body and mind.


Touch the tongue to the upper surface of the mouth called palate and spout the lips.


Take deep breath slowly though the teeth so that it could reach to the lungs. At the end of breathing close your lips.


Exhale from the nostrils slowly. It means you have completed your one round of hissing pranayama. You have to repeat it for 15 to 20 times.


Hissing Pranayam

हींदी मे



Hissing प्राणायाम शरीर के लीये बहुत ही फायदेमंद है। Hissing प्राणायाम आपके शरीर को ठंडा रखता है। यहआपके शरीर को आराम देता है। Hissing प्राणायाम गरमीयों के लीये बड़ा फायेदेमंद है। चूकी यह आपके शरीरको ठंडा रखता है, इस्लीये गर्मी मे इसका अभ्यास करमा अच्छा रहता है ओर यह काफी प्रभाव शाली परीणामदेता है । यह आपके दीमाग तथा शरीर को शंतुलीत रखता है। Hisshing प्राणायाम आपके शरीर को तनाव मुक्तरखता है.


Hissing प्राणायाम को केसे करे


सबसे पहले प्राणायाम के लीये सही स्थान चुने। फीर फोटो मे दीखाये गयी तरह से बेठे। आपनी तर्जनी उंगलीको अंगूठे से मीलाये ओर सामने की तरफ रखे।


सीधे ओर सतर्क हो कर बेठे। अपने मुख को जमीन के समांतर रखे।

आपनी आंखे बंद कर ले ओर १ या २ मीन्ट तक आराम से सांस लेते रहे।


अपने शरीर तथा दीमाग को शांत रखे।

फीर अपनी जीभ को तलवे पर लागाये ओर धीरे से लम्बी सांस ले। ताकी वो आपने शरीर के हर हीससे मे जासके।

अब अपने होटो को बंद कर ले ओर धीरे से अपनी नाक से सांस को बहार नीकाले।

इस तरह आप अपना एक चक्र पूरा कर लेते है । इसी तरह १५ से २० ओर दोहराये।

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Sunday, July 29, 2007

Swami Ramdev Baba Yoga Meditation Pranayam



Yoga plays an important role in developing your mind and making your body internally strong. Mental and physical therapy is very important benefit and advantage of yoga. In India yoga exercises and yoga pranayam are increasing day by day. Peoples believe on the Great power of yoga. Yoga has great power and strength. Who is the Great person who has make Indian and foreign peoples crazy about yoga? That is Swami Ramdev Baba, he is now th


e most famous person and personality currently. He is the master of yoga. Now in India yoga is famous with the name Ramdev Yoga. All the Indian peoples also worship swami Ramdev baba. He is realy and true person who have spread and popularized yoga exercises not even inIndia but in whole world.


Ramdev yoga has been proved its nature power of curing. Much dangerous and serious disease now can be cured by yoga exercise. But yoga is not enough to keep your self perfect and away form diseases, you should try all the other branches of natural exercise these are YOGA, ASANA, MEDITATION & PARNAYAM. These all plays a very significant role in keeping your body and mind well and good. To drive the maximum benefits from yoga you should use the all these combination. If you use ramdev yoga, asan, meditation and parnayam on a regular basis, you will definitely find some positive effects on your body and mental strength.


Doing these asan yoga and pranayam on a regular basis helps in various kinds of ailments like diabetes, digestive disorders, blood pressure, arteriosclerosis, arthritis, asthma, chronic fatigue, heart and varicose veins. Science has also proved yoga as best for curing these ailments. They control the automatic and involuntary functions of the body such as blood pressure, heartbeat and body temperature. Yoga’s powerful experiments for curing HIV are going on and soon there will be unbelievable results.


Yoga therapy helps both endocrine systems and nervous systems which directly affects and influence all other organs and systems of human body and mind. Yoga improves concentration power, gives mental peace and relaxes the body. A regular yoga practice makes human body strong, peaceful, relax and lubricate.


For more information about yoga, meditation and pranayam reads many expert writers book. You can also join swami ramdev baba yoga camps which usually held at many places in India as well in foreign. Ramdev baba is known as an expert or Guru of yoga. Convince yourself and t to believe on ramdev yoga, take it in your daily routine.

Friday, July 13, 2007

Ramdev Baba Yoga Benefits - योग साधना के लाभ



बोलो
जय श्री राम
जय हनुमान स्वामी बाबा रामदेव महाराज

योग साधना ओर ध्यान प्राचीन समय से चली आ रहा है। बडे बडे ऋषी मुनी इस ध्यान तथा योग साधना से इश्वर को भी जीत लेते है, तो शरीर क्या चीज है। योग साधना से आप अपने मन को एकाग्र कर सकते है। अपना मश्तिस्क को तेज बना सकते है । आज की मॉडर्न दुनीया मे अधिकतर सभी गोली ओर दवईयों का सहारा लेते है ताकी उनका दीमाग तेज हो सके। कोई योग तथा ध्यान की तरफ ध्यान ही नही देता। यह एक दीव्या रस से कम नही है। आप एक बार योग साधना करने की ठान लेगें तो निश्चीत रुप से आप अपना मन, तन तथा मस्तिक के कई रोगो को ठीक कर सकते है ओर साथ ही इनकी शक्ती को बड़ा सकते है।

योग तथा ध्यान साधना के नीयम

सबसे पहले यह बात याद रखे की योग ध्यान साधना एकांत स्थान पर ही करे। योग साधना करते समये अपना सारा ध्यान केवल ओर केवल ध्यान मे ही लगाये। ध्यान करते समय कीसी भी प्रकार का कोई भी वीचार मन मे ना लाए। यदी आप ऐसा करने मे सफल हो जाये तो निश्चीत रुप से आप मन को जीत लेंगे। शुरू मे यह करना मुश्कील होगा परंतु धीरे धीरे अभ्यास करते रहने से यह संभव हो सकेगा।

ध्यान करते समय मन को लोभ, प्रेम, आराम, भाई बहन, घर आदी का विचार मन
मे न लाए । आप यह सोच ले के मेरा कोई नही है केवल ध्यान ही है । पुरे संशार मे केवल मे ही हू । छल, कपट, लाभ, मोह, वासना तथा आहंकार को भूल जाये । प्रभु ही सबमे विद्यमान है । वो ही सबके दाता है ।

थोड़े समय से आरम्भ करते हुये इसे बढ़ाये। प्रतीदीन कुछ समय अवश्य नीकाले ओर ध्यान लगाए। योग ओर ध्यम हमारे जीवन की आवश्यकता है ओर इसका पालन हमे जीवन भर करना चाहीये । हर एक को प्रतीदीन एक घंटा ध्यम एवं योग मे अवश्य लगना चाहीये। इश्वर का ध्यान लगाए ओर केवल इश्वर का। यदी हमने इश्वर का ध्यान लगना शुरू नही कीया तो सब व्यर्थ है।


सोंच के बाद ही योग साधना आरम्भ करे । मन तन को स्वस्थ रखना बहुत आवश्यक है इस्लीये फल, बादाम पोसक तत्व अवश्य ले। अपने भोजन को संतुलीत सखे।

बोलो जय श्री राम , जय रामदेव बाबा, जय हनुमान । भगवन आपको सद्बुधी दे आपका जीवन सफल बनाए ।




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Thursday, June 28, 2007

Swami Ramdev baba yoga योग प्राणायाम करने के नीय्म


बोलो स्वामी रामदेव बाबा की जय
प्राणायाम करते समय इन बातो तथा नीय्मो का पालन करे
प्राणायाम सुद्ध, साफ एवं नीर्मल स्थान पर ही करना चाहिऐयदी पार्क मे जल के कीनारे अभ्यास कीयाजाये तो बहुत ही अच्छा हैबोलो स्वामी रामदेव बाबा की जय


स्वांस केवल नाक से ही ले जीससे साफ ओर स्वच्छ वायु अपके शरीर मे जायेलंबी-लंबी स्वांस लेने काअभ्यास करेताकी आपके पुरे शरीर को वायु मील सके

प्राणायाम करते समय सही स्थीती मे बेठेव्ज्रासन तथा सिद्धासन प्राणायाम के लीये एक उपयुक्त ओरसही स्थीती मानी गई हैबोलो स्वामी रामदेव बाबा की जयबोलो हनुमान
की जय

प्राणायाम करते समय अपना मन को शांत तथा मुख को प्रशन रखना चाहिऐजय श्री राम

योग प्राणायाम को शुबाह मल मूत्र मतलब शोच करने के बल ही करे

यदी आप कीसी बीमारी, परेशानी से ग्रस्त के तो सलाह लेने के बाद ही योग प्राणायाम करेजय हनुमान

योग प्राणायाम करते समय अपने शरीर के तनाव नही लाना चाहिऐशांत अवस्था सीधे बेठेअधीक लाभमीलेगागलत अवस्था मे अभ्यास करने से शरीर को हानी हो सकती हैबोलो स्वामी रामदेव बाबा की जय

यदी योगा प्राणायाम करते समय थकान का अनुभव हो तो लंबी लंबी स्वांस ले ओर कुछ देर आराम भी करे

अपने योगा प्राणायाम के अभ्यास के समय को धीरे धीरे बढ़ायेसुरु मे १० मीनट अभ्यास करे फीर धीरे धीरेसमय बढ़ाते हुये ३० मीनट तक कर लेबोलो स्वामी रामदेव बाबा योगा प्राणायाम की जय

भोजन की सलाह योगा प्राणायाम चिकत्सक से अवस्य लेयदी आप कीसी बीमारी, परेशानी से ग्रस्त के तोसलाह लेने के बाद ही योग प्राणायाम करे

योगा प्राणायाम आपकी आयु को लंबी शरीर को मजबूत, मन को एकाग्र, दीमाग को तेज तथा मुख को परसनबनाते हैन्यामीत अभ्यास आपके जीवन मे नयी किरण ला सकता हैयदी आप कीसी बीमारी से पीडीत है तोबाबा रामदेव योग शीवीर मे जाये ओर उनसे योगा की सलाह लेभगवान् का नाम लेबोलो स्वामी रामदेवमहाराज की जयबोलो राम चंदर की जयबोलो जय हनुमान


Sunday, June 24, 2007

Yoga Exercixe Benefits and Tips योगा प्राणायाम के लाभ एवं महत्त्व



प्राणायाम का अर्थ है प्राण का आयाम अन्य शब्दो मे हम कह सकते है प्राण को अपने वश मे करने कीप्रक्रीया ही प्राणायाम हेयोग आसान शरीर के रोगो को दूर कर्ता हैहमारे शरीर मे मश्तिस्क ह्रदय तथाफेफ्डो का बड़ा ही महत्त्व हैइन तीनो का को आपस मे गहरा संबंध है

योग तथा प्राणायाम स्थूल पडे शरीरमे नई जान डाल देते हैइनसे फेफड़े मजबूत होते हैयोग
तथा प्राणायामहमारे शरीर मे भरी हुई गन्दी वायू तथा कार्बन गैस को बहार नीकल शरीर को स्वच्छ बनाते हैयोगा तथाप्राणायाम शरीर मे रक्त शंचार की वृधी कर शरीर को रोगो से लड़ने के अनुरूप बनाते है

आज मनुष्य इतना व्यसथ है की उस शावासं लेने की भी फुर्सत नही है ऐसे मे नीयमित योग तथा प्राणायामउसे आरोग्य रखते हैलंबी ओर गहरी स्वांस शरीर के हर भाग मे पहुचकर नई उर्जा देते है
लंबी ओर गहरी स्वांस शरीर की आयू लंबी कर्ता हैबाबा रामदेव के योग ने मानव को नया जीवन दीया हैआज हम सभी कोइन आसन तथा को अपनाकर अपने जीवन को स्फूर्तीमय ओर आरोग्य बनाना चाहिऐपरंतु रामदेव बाबा केइन योगों को करने से पहले उनकी सलाह अवश्य ले

Monday, June 18, 2007

स्वामी बाबा रामदेव योग तथा योगा सुत्रस

स्वामी रामदेव बाबा
रामदेव बाबा आधुनिक युग मे एक अवतार के समान है जीस्ने बड़ी से बड़ी बिमारी को अपने चमत्कारी योग तथाप्राकृतिक चिकित्सा से ठीक कर दीया हैआज हम रामदेव बाबा को एक भगवान् के अवतार से कम नही मानतेशुरू मे बाबा के योगो का वीरोध हुआडाक्टर तथा राज्नितिगियो ने इनका कडा
वीरोध कीया यहाँ तक की कईआतंकवादियों से उन्हें जन से मरने की धमकी भी मीलीपरंतु बाबा ने डरे नही ओर हार नही मानी वो अपनी जनसेवा मे लगे रहेआज उनके योग को ना केवल भारत मे अपितु पुरे संशार मे मान्यता दी गई हैजीन रोगो काइलाज डाक्टर भी नही कर पाये आज उन रोगो को बाबा ने अपने योग से ठीक कर के दिखायाऐसे बाबा को हमनमन करते है स्वामी राम देव बाबा ने लोगो को बहुत अमूल्य योग रत्नों से अवगत कराया है. इन योगो से कई आश्चर्याजनक शारीरीक ओर मानसीक लाभ मीले है. उनमे से कुछ मह्त्व्पूण योग एवं आसन है….

कपाल्भाती योग: - बाबा के इस व्यायाम तथा प्राणायाम को लोगो ने अपनाया ओर उनको बहुत लाभ मीला. कपाल्भाती के इतने आश्चर्याजनक परीणाम नीक्ले की ये देखते ही देखते सारे संशार मे पर्सीध हो गये. यदी इन योगों को सही प्रकार से नही कीया जाये तो ये घातक परीणाम दे सकते हैइसलिये कीसी भी योगा को करने से पहले बाबा रामदेव जी की सलाह लेक्युकी ये योग तथा आसान कीसी कीसी व्यकती के लिए हानिकाराक भी हो सकते है जीन्हे इस योगा के अनुरूप बीमारी की शीकायत है