Thursday, June 28, 2007

Swami Ramdev baba yoga योग प्राणायाम करने के नीय्म


बोलो स्वामी रामदेव बाबा की जय।
प्राणायाम करते समय इन बातो तथा नीय्मो का पालन करे।
प्राणायाम सुद्ध, साफ एवं नीर्मल स्थान पर ही करना चाहिऐ। यदी पार्क मे जल के कीनारे अभ्यास कीयाजाये तो बहुत ही अच्छा है। बोलो स्वामी रामदेव बाबा की जय।


स्वांस केवल नाक से ही ले जीससे साफ ओर स्वच्छ वायु अपके शरीर मे जाये। लंबी-लंबी स्वांस लेने काअभ्यास करे। ताकी आपके पुरे शरीर को वायु मील सके।

प्राणायाम करते समय सही स्थीती मे बेठे। व्ज्रासन तथा सिद्धासन प्राणायाम के लीये एक उपयुक्त ओरसही स्थीती मानी गई है। बोलो स्वामी रामदेव बाबा की जय। बोलो हनुमान
की जय।

प्राणायाम करते समय अपना मन को शांत तथा मुख को प्रशन रखना चाहिऐ। जय श्री राम।

योग प्राणायाम को शुबाह मल मूत्र मतलब शोच करने के बल ही करे।

यदी आप कीसी बीमारी, परेशानी से ग्रस्त के तो सलाह लेने के बाद ही योग प्राणायाम करे। जय हनुमान।

योग प्राणायाम करते समय अपने शरीर के तनाव नही लाना चाहिऐ। शांत अवस्था सीधे बेठे। अधीक लाभमीलेगा। गलत अवस्था मे अभ्यास करने से शरीर को हानी हो सकती है। बोलो स्वामी रामदेव बाबा की जय।

यदी योगा प्राणायाम करते समय थकान का अनुभव हो तो लंबी लंबी स्वांस ले ओर कुछ देर आराम भी करे।

अपने योगा प्राणायाम के अभ्यास के समय को धीरे धीरे बढ़ाये। सुरु मे १० मीनट अभ्यास करे फीर धीरे धीरेसमय बढ़ाते हुये ३० मीनट तक कर ले। बोलो स्वामी रामदेव बाबा योगा प्राणायाम की जय।

भोजन की सलाह योगा प्राणायाम चिकत्सक से अवस्य ले। यदी आप कीसी बीमारी, परेशानी से ग्रस्त के तोसलाह लेने के बाद ही योग प्राणायाम करे।

योगा प्राणायाम आपकी आयु को लंबी शरीर को मजबूत, मन को एकाग्र, दीमाग को तेज तथा मुख को परसनबनाते है। न्यामीत अभ्यास आपके जीवन मे नयी किरण ला सकता है। यदी आप कीसी बीमारी से पीडीत है तोबाबा रामदेव योग शीवीर मे जाये ओर उनसे योगा की सलाह ले। भगवान् का नाम ले। बोलो स्वामी रामदेवमहाराज की जय। बोलो राम चंदर की जय। बोलो जय हनुमान।


Sunday, June 24, 2007

Yoga Exercixe Benefits and Tips योगा प्राणायाम के लाभ एवं महत्त्व



प्राणायाम का अर्थ है प्राण का आयाम अन्य शब्दो मे हम कह सकते है प्राण को अपने वश मे करने कीप्रक्रीया ही प्राणायाम हे। योग आसान शरीर के रोगो को दूर कर्ता है। हमारे शरीर मे मश्तिस्क ह्रदय तथाफेफ्डो का बड़ा ही महत्त्व है। इन तीनो का को आपस मे गहरा संबंध है।

योग तथा प्राणायाम स्थूल पडे शरीरमे नई जान डाल देते है। इनसे फेफड़े मजबूत होते है। योग
तथा प्राणायामहमारे शरीर मे भरी हुई गन्दी वायू तथा कार्बन गैस को बहार नीकल शरीर को स्वच्छ बनाते है। योगा तथाप्राणायाम शरीर मे रक्त शंचार की वृधी कर शरीर को रोगो से लड़ने के अनुरूप बनाते है।

आज मनुष्य इतना व्यसथ है की उस शावासं लेने की भी फुर्सत नही है ऐसे मे नीयमित योग तथा प्राणायामउसे आरोग्य रखते है। लंबी ओर गहरी स्वांस शरीर के हर भाग मे पहुचकर नई उर्जा देते है।
लंबी ओर गहरी स्वांस शरीर की आयू लंबी कर्ता है। बाबा रामदेव के योग ने मानव को नया जीवन दीया है । आज हम सभी कोइन आसन तथा को अपनाकर अपने जीवन को स्फूर्तीमय ओर आरोग्य बनाना चाहिऐ। परंतु रामदेव बाबा केइन योगों को करने से पहले उनकी सलाह अवश्य ले।

Monday, June 18, 2007

स्वामी बाबा रामदेव योग तथा योगा सुत्रस

स्वामी रामदेव बाबा
रामदेव बाबा आधुनिक युग मे एक अवतार के समान है जीस्ने बड़ी से बड़ी बिमारी को अपने चमत्कारी योग तथाप्राकृतिक चिकित्सा से ठीक कर दीया है। आज हम रामदेव बाबा को एक भगवान् के अवतार से कम नही मानतेशुरू मे बाबा के योगो का वीरोध हुआ। डाक्टर तथा राज्नितिगियो ने इनका कडा
। वीरोध कीया यहाँ तक की कईआतंकवादियों से उन्हें जन से मरने की धमकी भी मीली। परंतु बाबा ने डरे नही ओर हार नही मानी वो अपनी जनसेवा मे लगे रहे । आज उनके योग को ना केवल भारत मे अपितु पुरे संशार मे मान्यता दी गई है । जीन रोगो काइलाज डाक्टर भी नही कर पाये आज उन रोगो को बाबा ने अपने योग से ठीक कर के दिखाया । ऐसे बाबा को हमनमन करते है। स्वामी राम देव बाबा ने लोगो को बहुत अमूल्य योग रत्नों से अवगत कराया है. इन योगो से कई आश्चर्याजनक शारीरीक ओर मानसीक लाभ मीले है. उनमे से कुछ मह्त्व्पूण योग एवं आसन है….

कपाल्भाती योग: - बाबा के इस व्यायाम तथा प्राणायाम को लोगो ने अपनाया ओर उनको बहुत लाभ मीला. कपाल्भाती के इतने आश्चर्याजनक परीणाम नीक्ले की ये देखते ही देखते सारे संशार मे पर्सीध हो गये. यदी इन योगों को सही प्रकार से नही कीया जाये तो ये घातक परीणाम दे सकते है। इसलिये कीसी भी योगा को करने से पहले बाबा रामदेव जी की सलाह ले। क्युकी ये योग तथा आसान कीसी कीसी व्यकती के लिए हानिकाराक भी हो सकते है जीन्हे इस योगा के अनुरूप बीमारी की शीकायत है ।